📜 अध्यक्ष का संदेश
सम्मानित अभिभावकों, प्रिय विद्यार्थियों !
आज हम इक्कीसवीं सदी के अत्याधुनिक परिवेश में जी रहे हैं । इस सदी में अत्याधुनिकता से जीने वाले अनेक साधन निर्मित व विकसित हो चुके हैं । अब हम पूर्णता टेक्नालॉजी (प्रौद्योगिकी) पर आधारित हो गये हैं। इसलिए टेक्नालॉजी से सम्बन्धित जितने भी साधन हैं उन सभी के विषय में जानना और सीखना अति आवश्यक हो गया है । आज से दो वर्ष पूर्व की शिक्षा और आज की शिक्षा में अभूतपूर्व परिवर्तन दिखाई पड़ता है । प्रिय विद्यार्थियों ! 'नई शिक्षा नीति–2020' के पाठ्यक्रम ने अध्ययन और अध्यापन दोनों के स्वरूप को बदल दिया है । नवीन पाठ्यक्रम में प्रत्येक विषय में टेक्नालॉजी को प्रमुखता दी गयी है । आप किसी भी विषय के पाठ्यक्रम को देख लें यहाँ तक संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी जैसे विषयों में भी कम्प्यूटर, इंटरनेट, सोशल मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया, ई– पुस्तकालय आदि सब कुछ पढ़ना अनिवार्य हो गया है । यह समय की माँग के अनुरूप है । सेमेस्टर प्रणाली ने परीक्षा का दबाव अवश्य बढ़ा दिया है लेकिन पाठ्यक्रम को हल्का एवं समयानुसार उपयोगी साथ ही रोजगारपरक बनाया गया है, जो भविष्य में आप के लिए लाभकारी सिद्ध होगा । मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप लोग नये पाठ्यक्रम के अनुसार अपने को परिवर्तित करने का प्रयास करेंगे ।
समय और परिस्थितियों के अनुसार अपने को परिवर्तित करने की क्षमता प्रत्येक देश, समाज, संस्था एवं मनुष्य में होनी चाहिए । हमारी संस्था निरंतर इस तरह के प्रयासों में संलग्न रहती है जिसमें हमारे विद्यार्थियों के हित निहित हों । 'नई शिक्षा नीति–2020' के सभी संचालित पाठ्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय में 'कम्प्यूटर लैब' का निर्माण किया गया । ताकि आप लोग परंपरावादी या मुख्य विषयों की पढ़ाई के साथ–साथ टेक्नालॉजी (प्रौद्योगिकी) के विषय में भी जान सकें, सीख सकें । मुझे आशा है कि आप लोग इस लैब का भरपूर लाभ उठायेंगें । हमारा प्रयास है कि आप महाविद्यालय में प्रवेश सिर्फ डिग्री हासिल करने के उद्देश्य से न लें बल्कि कुछ बनने और सीखने के उद्देश्य से लें । अब घर बैठे डिग्री हासिल करने का समय चला गया है । आज का दौर प्रयोगात्मक शिक्षा का दौर है, इसलिए प्रवेश लेने के साथ–साथ आपको यह भी सुनिश्चित करना पड़ेगा कि भौतिक रूप से कक्षाओं में अध्ययन हेतु उपस्थित हों ।
जनपद का एक महत्वपूर्ण संस्थान होने के नाते हमारी यह जिम्मेदारी बनती है कि हम अपने देश के युवाओं को बेहतरीन शिक्षा देकर उन्हें देश और समाज के निर्माण के लिए तैयार करें । उनके अंत:करण में ज्ञानात्मक ऊर्जा का संचार कर उन्हें सुदृढ़ व उज्ज्वल भविष्य के निर्माता के रूप में विकसित करें ।
परिवर्तन के इस युग में हमें अनेक उन्मादों से बचते हुए अपने लक्ष्य के प्रति सजग होना चाहिए । सामाजिक परिवेश के निर्माण में भी आप सभी का उल्लेखनीय योगदान हो सकता है बस संकल्प के साथ अपने को इस योग्य बनाये । मैं महाविद्यालय का अध्यक्ष होने के नाते आप सभी को यह विश्वास दिलाता हूँ कि आप के अध्ययन और अध्यापन में मैं अपनी प्रबंध समिति एवं शिक्षकों–शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सहयोग से कोई कोरकसर नहीं छोड़ूंगा, बशर्तें आपको भी मेरे साथ मिलकर चलना होगा ।
अध्यक्ष
चौधरी चन्दन सिंह महाविद्यालय